महाकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है,
दर्शन मुझको दे दो ना,
ओ घट घट वासी है,
महांकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है।।
मैं एक नन्ही सी बिटिया हूं,
तुम इतने बड़े महांकाल,
एक छोटी सी मेरी अर्जी है,
तुम कालों के भी काल,
मुझ पर थोड़ा रहम करो,
मेरी जान जरा सी है,
महांकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है।।
कितना भी मुझको रोको,
ना वापस घर जाऊंगी,
बिन दर्शन के तड़प तड़प कर,
मैं तो मर जाऊंगी,
मान लो मेरी मान ओ बाबा,
मान जरा सी है,
महांकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है।।
तुम करुणा के सागर हो,
करुणा कृपा बरसाते हो,
देवों के भी देव तुम्ही,
महादेव कहाते हो,
नाम है मेरा ‘गौरी शरण’,
पहचान जरा सी है,
महांकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है।।
महाकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है,
दर्शन मुझको दे दो ना,
ओ घट घट वासी है,
महांकाल तुम्हारी बेटी की,
अरदास जरा सी है,
कितने सावन बीत गए,
पर अखियां प्यासी है।।
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🎤 गायक / Singer – Gauri Sharan Indori
✍️ लेखक / Lyrics – Ganesh Ji Rajput
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