क्यों करूं मैं फिकर,
मुझको काहे का डर,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया,
हर खुशी मिल गई,
हर बला टल गई,
जिंदगी का गुजारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
तर्ज – मेरे रश्के।
जब से कीर्तन में इनके,
मैं आने लगा,
श्याम भजनों में मन को,
लगाने लगा,
एक लहर सी बदन में,
यूँ उठने लगी,
स्वर्ग जैसा नजारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
गम का मारा था मैं,
बेसहारा था मैं,
उस घड़ी अपने,
जीवन से हारा था मैं,
खुद ब खुद ये कदम,
खाटू बढ़ने लगे,
श्याम परिवार सारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
मुझको जीवन में,
जो कुछ भी दौलत मिली,
सांवरे वो तुम्हारी,
बदौलत मिली,
मैं भिखारी बना,
जब से दरबार का,
सांवरे का इशारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
हर मुसीबत से ‘नरसी’,
निकाला मुझे,
नैया जो डगमगाई,
संभाला मुझे,
डूबने जो लगा,
हाथ पकड़ा मेरा,
डूबते को किनारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
क्यों करूं मैं फिकर,
मुझको काहे का डर,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया,
हर खुशी मिल गई,
हर बला टल गई,
जिंदगी का गुजारा,
मुझे मिल गया,
हारे का ये सहारा,
मुझे मिल गया।bd।
Singer – Ratan Azad
Lyrics – Naresh Narsi Ji








