गंगा मैया की कथा लिरिक्स,
वामन रूप धार नारायण,
यज्ञ बलि के आ गए,
तीन पेंड का वचन भराकर,
ब्रह्मलोक पेमास किये।।
ब्रह्मलोक में ब्रह्मा जी ने,
प्रभु के चरण पखाल लिये,
विष्णु चरण से गंगा निकली,
ब्रह्मकुंड में वास किये।।
देव लोक में देव सरिता,
देवा के मन भाई गई,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
जम्बूद्वीप आर्यवर्त,
भरथखंड भारत माही,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
सूर्य वंशी राजा सागर ने,
यज्ञ अश्व पूजन किना,
60,000 पुत्र राजा के,
देशों में डंका दीना,
सागर फौज सो गई नींद में,
इंद्र ने अश्व छीना,
कपिल मुनि के आश्रम जाकर,
घोड़ा बांध गमन किना,
खोजत खोजत फौज पहुंची,
मुनि श्राप मिल्यों ताहि,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
अश्वंजस के अश्वमन,
गंगा हेत तप बन में,
नृप दलीप भूप भागीरथ,
भक्त भेष धारियों तन में,
ब्रह्मा विष्णु मनाय भागीरथ,
लाग गयो शिव पूजन में,
ब्रह्म लोक से गंगा उतरी,
रोष भरी गरज घन में,
शंकर ले जटा में घाली,
जटा शंकरी कहलाई,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
रथ असवार हुग्यो भागीरथ,
चाल रहियो उजड़ बाटा,
शिव मस्तक से निकली सुरसुरी,
कैलाशा में खरलाटा,
निर्मल धार बहाव रथ पाछे,
हिमालय में हरलाटा,
गंगोत्री यमनोत्री बन,
पहुंच गई बद्री घाटा,
ब्रह्मा विष्णु शिव प्रयागा,
हरिद्वार में हर्षाई,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
हरिद्वार में हर की पेड़ी,
मोटा धाम थरप दीना,
साधु महात्मा ऋषि मुनि,
राम कृष्ण मंजन किना,
जो स्नान करे गंगा का,
जन्म सफल कर लिना,
अंत समय गंगा जल धारा,
वो ही जाय स्वर्ग चीना,
चेन सिंह गंगा की महिमा,
वेद पुराण संत गाई,
कथा सुनो गंगा मैया की,
पाप निवारण हो जाई।।
गायक – विनोद मेघवाल।
8094953386








