जय जय जय खाटूश्याम धणी,
जबसे आया शरण तुम्हारी,
जबसे आया शरण तुम्हारी,
मेरी तो हर बात बणी।।
मुझको मिला है सच्चा ठिकाना,
कहता है खाटु जिसे जमाना,
मोरवी नंदन श्याम साँवरिया,
भगत करे है खम्मा घणी।।
कलयुग का राजा है श्याम हमारा,
यही तो है हारे का सहारा,
जिनपे रीझे कृष्ण मुरारी,
महिमा जिनकी जग में घणी।।
श्याम कृपा से सब कुछ पाया,
इस दिल मे बस श्याम समाया,
“दिलबर” भरत की अर्जी यही है,
चरणों मे रखना मे श्याम घणी।।
तीन बाण के तुम हो धारी,
लीले की करते हो सवारी,
तन केशरिया बागा सोहे,
माथे चमके पारसमणी।।
जय जय जय खाटूश्याम धणी,
जबसे आया शरण तुम्हारी,
जबसे आया शरण तुम्हारी,
मेरी तो हर बात बणी।।
गायक – भरत गोयल बालोतरा।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा जक्शन म.प्र.
मो. 9907023365








