उत्सव रच्यो ही म्हारे आँगने थे आजो गौरी का लाल भजन लिरिक्स

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उत्सव रच्यो ही म्हारे आँगने थे आजो गौरी का लाल भजन लिरिक्स

उत्सव रच्यो ही म्हारे आँगने,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो।।



फुलड़ा री माला ल्याया विनायक,

फुलड़ा री माला ल्याया विनायक,
अर्पण थे करो गणराज,
कारज म्हारा सफल करो,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो।।



सोने री थाली में मोदक ल्याया,

सोने री थाली में मोदक ल्याया,
थे भोग लगावो गणराज,
कारज म्हारा सफल करो,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो।।



रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो,

रिद्धि सिद्धि ने सागे ल्यायजो,
अन्न धन से भरो भंडार,
कारज म्हारा सफल करो,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो।।



उत्सव रच्यो ही म्हारे आँगने,

थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो,
थे आजो गौरी का लाल,
कारज म्हारा सफल करो।।

स्वर – जया किशोरी जी।


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