तू ही तू साँवरे हर जगह क्यों है भजन लिरिक्स

तू ही तू साँवरे हर जगह क्यों है भजन लिरिक्स

तू ही तू साँवरे हर जगह क्यों है, रास्ते हर दफ़ा खाटु का पता, मुझसे पूछे भला क्यों है, हर कदम साँवरे तेरे दर पे चले, मुझको तेरा नशा क्यों है।। तर्ज – तू ही तू हर जगह। धीरे धीरे …

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