मरघट आली खोल दिए री मेरे पित्र बँधे पड़े सं

मरघट आली खोल दिए री मेरे पित्र बँधे पड़े सं

मरघट आली खोल दिए री, मेरे पित्र बँधे पड़े सं।। थान बणाया जोत जगाई, पित्र दिए दिखाई ना, घोड़े आले बिना कालका, मेरी …

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