एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी भजन लिरिक्स

एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी भजन लिरिक्स

एकली खड़ी रे मीरा बाई एकली खड़ी, मोहन आवो तो सरी, गिरधर आवो तो सरी, माधव रा मंदिर में, मीरा बाई एकली खड़ी।। थे कहो तो सांवरा मैं, मोर मुकुट बन जाऊँ, पेरण लागो साँवरो रे, मस्तक पर रम जाऊँ, …

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