गुरूजी बंद पड़ी दिवला वाली रे ज्योत भजन लिरिक्स

गुरूजी बंद पड़ी दिवला वाली रे ज्योत भजन लिरिक्स

गुरूजी बंद पड़ी, दिवला वाली रे ज्योत, दोहा – संत बुलाया आंगने, और गुरु उगमजी महाराज, बाई रूपादे वायक भेजिया, रूपा आवो जमला रे माय। गुरूजी बंद पड़ी, दिवला वाली रे ज्योत, सत्संग में नुगरो आवियो, गुरूजी नुगरो है काटो …

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