सूखी मिले चाहे रोटी मुझे कोई गम नहीं भजन लिरिक्स

सूखी मिले चाहे रोटी मुझे कोई गम नहीं भजन लिरिक्स

सूखी मिले चाहे रोटी, मुझे कोई गम नहीं, रखना सुखी परिवार मेरा, विनती है बस यही, सूखी मिलें चाहे रोटी।। तर्ज – लग जा गले की फिर। सिर पे ना हो कर्जा कभी, ना हाथ फैलाऊं कहीं, दर दर की …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे