भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताए भजन लिरिक्स

भोर भये पनघट पे मोहे नटखट श्याम सताए भजन लिरिक्स

​भोर भये पनघट पे, मोहे नटखट श्याम सताए, मोरी चुनरिया लिपटी जाये, मै का करू हाये राम है हाये।।  कोई सखी सहेली नही,  संग मै अकेली,  कोई देखे तो ये जाने, पनिया भरने के बहाने गगरी उठाये, राधा शाम से …

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