जुल्मी जाडो भोत पड़े छै गोबिन्द पौष बडा खावो लिरिक्स

जुल्मी जाडो भोत पड़े छै गोबिन्द पौष बडा खावो लिरिक्स

जुल्मी जाडो भोत पड़े छै, गोबिन्द पौष बडा खावो।। पौष मास लागै अति सुन्दर, कञ्चण थाळ धरयो चोकी पर, आसण़ बिछा दियो मखमल रो, गोबिन्द पौष बडा पावो, जुल्मी जाडो भोत पड़ै छै, गोबिन्द पौष बडा खावो।।(१) रंग महल मं …

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