एकली ने घेरी वन में आज श्याम तने कैसी ठानी रे लिरिक्स

एकली ने घेरी वन में आज, श्याम तने कैसी ठानी रे।। श्याम मोहे वृंदावन जानो, लौटकर बरसाने आनो, मेरी कर जोरो की मानो, जो कोय होय देर, लड़ेगी ननंद जेठानी रे, ऐकली ने घेरी वन में आज, श्याम तने कैसी …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे