गैया के प्राण पुकार रहे गोविन्द बिन कौन सहाय करे लिरिक्स

गैया के प्राण पुकार रहे गोविन्द बिन कौन सहाय करे लिरिक्स

गैया के प्राण पुकार रहे, गोविन्द बिन कौन सहाय करे।। तर्ज – जिस भजन में राम का। बेटे को काँटा चुभता है, माता का कलेजा हिलता है, ऐसी भोली भाली मैया, कलियुग में आज पुकार करे, गईया के प्राण पुकार …

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