गिरधर मेरे मौसम आया धरती के श्रृंगार का भजन लिरिक्स

गिरधर मेरे मौसम आया धरती के श्रृंगार का भजन लिरिक्स

गिरधर मेरे मौसम आया, धरती के श्रृंगार का। दोहा – छाई सावन की है बदरिया, और ठंडी पड़े फुहार, जब श्याम बजाई बांसुरी, झूलन चली ब्रजनार। गिरधर मेरे मौसम आया, धरती के श्रृंगार का, आया सावन पड़ गए झूले, बरसे …

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