ज़िंदगी एक किराए का घर है हिंदी लिरिक्स

ज़िंदगी एक किराए का घर है एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा

ज़िंदगी एक किराए का घर है, एक ना एक दिन बदलना पड़ेगा, मौत जब तुमको आवाज़ देगी, घर से बाहर निकलना पड़ेगा।। ढेर मिट्टी का हर आदमी है बाद मरने के होना यही है, या ज़मीनो में तुरबत बनेगी, या …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे