ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ भजन लिरिक्स

ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ भजन लिरिक्स

ओ गणनायक महाराज सुमिरा जोडू दोनों हाथ, >> श्लोक << ॐ एकदंतम सुर्पकर्णम, गजवक्त्रम चतुर्भुजम, पांशकुश धरम देवम ध्यायेत, सिद्धिविनायकम।। ओ गणनायक महाराज, सुमिरा जोडू दोनों हाथ, गजानंद मैहर करो, गजानन मैहर करो।। एकदंत है दयावंत है, चारो भुजाओ वाले, …

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