गाँव रूनीचे देवरो बाबा ध्वजा फरूके असमान सवायो लागे देवरो

गाँव रूनीचे देवरो बाबा ध्वजा फरूके असमान सवायो लागे देवरो

गाँव रूनीचे देवरो बाबा, थारी ध्वजा फरूके असमान, सवायो लागे देवरो, थारी ध्वजा फरूके असमान, सवायो लागे देवरो।। अजमल रे घर आविया, ओ बाबा अजमल रे घर आविया, थे तो मोहन कृष्ण मुरार, सवायो लागे देवरो, ओ थे तो मोहन …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे