गणपति गजवदन विनायक थाने प्रथम मनावा जी

गणपति गजवदन विनायक थाने प्रथम मनावा जी

गणपति गजवदन विनायक, थाने प्रथम मनावा जी, आना कानी मत ना करीयो, थारी किरपा चावा जी, गणपति गजवदन वीनायक, थाने प्रथम मनावा जी।। तर्ज – फूल तुम्हे भेजा है खत में माथे मुकुट निरालो थाने, पार्वती का लाल कहावो, गणपति …

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