आ जाओ मेरे साँवरे मंदिर को छोड़कर भजन लिरिक्स

आ जाओ मेरे साँवरे मंदिर को छोड़कर भजन लिरिक्स

आ जाओ मेरे साँवरे, मंदिर को छोड़कर, कब से बुला रहा हूँ, घर बार छोड़कर, आ जाओ मेरे सांवरे, मंदिर को छोड़कर।। तर्ज – मिलती है जिंदगी में। कहते है तेरे पास है, रहमत का खजाना, थोड़ा सा उठा के, …

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