उड़ गई रे नींदिया मेरी बंसी श्याम ने बजाई रे भजन लिरिक्स

उड़ गई रे नींदिया मेरी बंसी श्याम ने बजाई रे भजन लिरिक्स
कृष्ण भजनचित्र विचित्र भजन
...इस भजन को शेयर करे...

उड़ गई रे नींदिया मेरी बंसी श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा सारी रात सो ना पाइ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,बंसी श्याम ने बजाई रे॥



बंसी की तान सुनकर हैरान हो गई मै,
कहाँ पर बजी जो परेशान हो गई मै,
मै हो गई दीवानी मुरली मेरे मन को भायी रे,
खो गया चेन मेरा सारी रात सो ना पाइ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,बंसी श्याम ने बजाई रे॥



छुप गया जाने कहाँ पर मुरली दर्द की सुनाकर,
इक बार फ़िर बजा दे कान्हा सामने तू आकर,
तेरी सांवरि सुरतिया मेरे मन को बहूत भायी रे,
खो गया चेन मेरा सारी रात सो ना पाइ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,बंसी श्याम ने बजाई रे॥



मुरली सुनी है जबसे मेरी अंखिया तरस रही है,
पानी बिना है मछली जेसे मै तरस रही हूँ,
सुनकर तेरी मुरलीया मुझकोयाद बहूत आई रे,
खो गया चेन मेरा सारी रात सो ना पाइ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,बंसी श्याम ने बजाई रे॥


उड़ गई रे नींदिया मेरी बंसी श्याम ने बजाई रे,
खो गया चेन मेरा सारी रात सो ना पाइ,
उड़ गई रे नींदिया मेरी,बंसी श्याम ने बजाई रे॥


...इस भजन को शेयर करे...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।