तुमने लाखों की किस्मत सँवारी भजन लिरिक्स

तुमने लाखों की किस्मत सँवारी भजन लिरिक्स
कृष्ण भजनजया किशोरी जीफिल्मी तर्ज भजन

तुमने लाखों की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी,
तेरी चौखट पे जो भी झुका है,
उसको दुनिया ने सर पे रखा है,
तेरे रुतबे का क्या क्या सबब दे,
इतनी ताकत नहीं है हमारी,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।

तर्ज – भर दो झोली मेरी या।



आस तेरी भरोसा तुम्ही पर है श्याम,

तू ही मोहन कन्हैया तू ही तो है राम,
दर पे आए बैगाने दीवाने बड़े,
भर दो झोली खड़े है भगत ये तेरे,
जब तलक तू सवारे ना बिगड़ी,
तेरे दर से ना जाए सवाली,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।



हम सुधरना भी चाहे कहो क्या करे,

तेरी मोह माया से बोल कितना लड़े,
हम है नर तेरे जैसे नारायण नहीं,
तुम अगर साथ दो होगी तेरी कहीं,
रज़ा तेरी में हम तो है राज़ी,
श्याम करना ना हमसे नाराजी,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।



तू जो चाहे तो बहरा भी सुनने लगे,

लूला लंगड़ा पहाड़ों पे चढ़ने लगे,
ज़िन्दगी मौत सबकुछ तेरे हाथ है,
तुम अगर साथ हो तो फिर क्या बात है,
तेरे रहमो करम पे पड़े है,
जाने कब होगी रहमत तुम्हारी,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।



तुम हो दानी तो हम है भिखारी तेरे,

तुम हो ठाकुर तो हम है पुजारी तेरे,
‘जया’ भक्तो से क्यों इतना कतराते हो,
ऐसा क्या माँगा देने में घबराते हो,
खुदगर्जों ने अर्जी सुना दी,
अब कृपा की है मर्जी तुम्हारी,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।



तुमने लाखों की किस्मत सँवारी,

अब संवरने की बारी हमारी,
तेरी चौखट पे जो भी झुका है,
उसको दुनिया ने सर पे रखा है,
तेरे रुतबे का क्या क्या सबब दे,
इतनी ताकत नहीं है हमारी,
तुमने लाखो की किस्मत सँवारी,
अब संवरने की बारी हमारी।।

Singer : Jaya Kishori Ji


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