थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे हारकर दरबार तेरे आया हूँ भजन लिरिक्स

0
1980
बार देखा गया
थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे हारकर दरबार तेरे आया हूँ भजन लिरिक्स

थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे,
हारकर दरबार तेरे आया हूँ,
जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,
मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,
थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,
हार कर दरबार तेरे आया हूँ।।

तर्ज – आँख है भरी भरी और तुम।



बदलती रंग ये दुनिया,

प्रार्थी हूँ नसीहत का,
बदलती रंग ये दुनिया,
प्रार्थी हूँ नसीहत का,
समझ ना पा रहा हूँ मैं,
दिखावा क्या हक़ीकत क्या,
हर कदम दी ठोकरे संसार ने,
गम लिए सौगात तेरे आया हूँ,
जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,
मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,
थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,
हार कर दरबार तेरे आया हूँ।।



अगर तुम ना सुनोगे तो,

बता किस दर पे जाऊंगा,
अगर तुम ना सुनोगे तो,
बता किस दर पे जाऊंगा,
भरोसा जो यहाँ टूटा तो,
मैं भी टूट जाऊंगा,
गम के हाथों से हुआ बीमार मैं,
वैध तू उपचार को मैं आया हूँ,
जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,
मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,
थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,
हार कर दरबार तेरे आया हूँ।।



दयानिधि नाम है तेरा,

दया याचक हूँ मैं बाबा,
दयानिधि नाम है तेरा,
दया याचक हूँ मैं बाबा,
सताए उलझने मुझको,
मेरा रक्षक है तू बाबा,
सौंपने पतवार ‘गोलू’ श्याम को,
डूबती नैया लिए मैं आया हूँ,
जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,
मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,
थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,
हार कर दरबार तेरे आया हूँ।।



थाम लो ना हाथ मेरा सांवरे,

हारकर दरबार तेरे आया हूँ,
जीत जाऊंगा तेरी जो हो कृपा,
मन में ये विश्वास लेकर आया हूँ,
थाम लो ना हाथ मेरा साँवरे,
हार कर दरबार तेरे आया हूँ।।

गायक – विवेक शर्मा।


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम