तेरा अजब बना अस्थान ऊँचे पर्वत पर भजन लिरिक्स

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तेरा अजब बना अस्थान ऊँचे पर्वत पर भजन लिरिक्स

तेरा अजब बना अस्थान,
ऊँचे पर्वत पर,
पर्वत पर हो पर्वत पर,
पर्वत पर हो पर्वत पर,
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।

तर्ज – तूने अजब रचा भगवान।



भीड़ लगी है तेरे द्वारे,

भीड़ लगी है तेरे द्वारे,
सभी तेरी नजर में समान,
ऊँचे पर्वत पर।
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।



कोई चढ़ाये लाल चुनरिया,

कोई चढ़ाये लाल चुनरिया,
कोई फूल चढ़ाये कोई पान,
ऊँचे पर्वत पर।
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।



नर नारी सब तेरे माता,

नर नारी सब तेरे माता,
हम सब है तेरी संतान,
ऊँचे पर्वत पर।
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।



तेरी दया की भीख मिले जो,

तेरी दया की भीख मिले जों,
हो जाए मेरा कल्याण,
ऊँचे पर्वत पर।
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।



तेरा अजब बना अस्थान,

ऊँचे पर्वत पर,
पर्वत पर हो पर्वत पर,
पर्वत पर हो पर्वत पर,
तेरा अजब बना स्थान,
ऊँचे पर्वत पर।।

Singer : Tripti Shakya


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