शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गाये भजन लिरिक्स

0
6946
बार देखा गया
शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गाये भजन लिरिक्स

शिवनाथ तेरी महिमा आ आ,
शिवनाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये,
नाचे धरा गगन तो आ आ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये।।



तू देव सबसे न्यारा,

तुझको नमन हमारा,
लाये है तेरे द्वारे,
दर्शन की कामनाये,
शिव नाथ तेरी महिमा,
शिवनाथ तेरी महिमा,
पंछी पवन सुनाएँ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये।।



मस्तक पे चन्द्र आधा,

है रूप तेरा साधा,
आयी है गंग धारा,
लेकर तेरी जताएं
शिव नाथ तेरी महिमा
शिव नाथ तेरी महिमा,
तारें गगन के गाये,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये।।



है प्रेम की सुधा भी,

है रूपचंद्रिका भी,
हो नील कंठ वाले,
कैसे तुझे रिझाये,
शिवनाथ तेरी महिमा,
तारें गगन के गाये,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये।।



शिव नाथ तेरी महिमा आ आ,

शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये,
नाचे धरा गगन तो आ आ,
नाचे धरा गगन तो,
झूमें दसो दिशाएँ,
शिव नाथ तेरी महिमा,
जब तीन लोक गाये।।


आपको ये भजन कैसा लगा? जरूर बताए।

आपकी प्रतिक्रिया
आपका नाम