प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए भजन लिरिक्स

प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए भजन लिरिक्स
कृष्ण भजनचित्र विचित्र भजनफिल्मी तर्ज भजन
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प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए,
प्रेमियों ने जो बनाया बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए।।

तर्ज – दिल के अरमा आंसुओ में।



वादा तुलसीदास का पूरा किया,

वादा तुलसीदास का पूरा किया,
छोड़ बंसी धनुषधारी बन गए
प्रेम के बंधन में मोहन बँध गए,
प्रेमियों ने जो बनाया बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए।।



जान मीरा की ना राणा ले सका,

जान मीरा की ना राणा ले सका,
नाग से आकर नारायण बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बँध गए,
प्रेमियों ने जो बनाया बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए।।



प्रेम से भरपूर जिसने दिल दिया,

प्रेम से भरपूर जिसने दिल दिया,
उसकी नस नस में हरी जी बस गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बँध गए,
प्रेमियों ने जो बनाया बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए।।



प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए,

प्रेमियों ने जो बनाया बन गए,
प्रेम के बंधन में मोहन बंध गए।।

Singer : Chitra Vichitra Ji



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