नैया मेरी डोल रही भव पार लगा जाओ भजन लिरिक्स

नैया मेरी डोल रही भव पार लगा जाओ भजन लिरिक्स
कृष्ण भजन
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नैया मेरी डोल रही,
भव पार लगा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।



ये नांव पुरानी है,

और गहरा पानी है,
मुझको तो होश नहीं,
छायी नादानी है,
दिल डूब रहा मेरा,
धीरज तो बंधा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।



गर्दिश में सितारे है,

छाए अंधियारे है,
पतवार मेरी छूटी,
सब छूटे सहारे है,
सोई मेरी किस्मत है,
आकर के जगा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।



बड़ी दूर किनारा है,

तेरा ही सहारा है,
पापी से पापी को,
प्रभु तुमने उबारा है,
गणिका जैसी ठोकर,
हमको भी लगा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।



दिनों पे दया करना,

आदत है तेरी दाता,
फिर मातृदत्त को ही,
क्यों मोहन तरसाता,
हे श्याम सुन्दर सुनलो,
जैसे है निभा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।



नैया मेरी डोल रही,

भव पार लगा जाओ,
माझी बनकर मोहन,
एक बार तो आ जाओ,
नैया मेरी डोल रहीं,
भव पार लगा जाओ।।

Singer – Mamta Sharma



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