मेरी नैया पड़ी है मजधार प्रभु इसे पार लगा देना

मेरी नैया पड़ी है मजधार प्रभु इसे पार लगा देना कमल किशोर जी नागर
नागर जी भजन

मेरी नैया पड़ी है मजधार,
प्रभु इसे पार लगा देना,
तेरी माला जपूँगा दिन रात,
प्रभु इसे पार लगा देना।।



मेरी नाव नही है नामी,

ना जानी है डोर लगानी,
कही डूब ना जाये मजधार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।



मेरी नाव है बहुत पुरानी,

डूबने की है इसकी कहानी,
फिर डूब ना जाये इस बार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।



तुम तो जानो प्रभु जी घट घट की,

मेरी नैया भवर बिच अटकी,
अब दूजो नही है आधार,
प्रभु इसे पार लगा देना।।



मेरी नैया पड़ी है मजधार,

प्रभु इसे पार लगा देना,
तेरी माला जपूँगा दिन रात,
प्रभु इसे पार लगा देना।।


3 thoughts on “मेरी नैया पड़ी है मजधार प्रभु इसे पार लगा देना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।