ग्यारस चांदण की आई भगता मिल ज्योत जगाई भजन लिरिक्स

ग्यारस चांदण की आई भगता मिल ज्योत जगाई भजन लिरिक्स
कृष्ण भजनसंजू शर्मा भजन
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ग्यारस चांदण की आई,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
मन में हरियाली छाई,
भागता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



चम चम चमकतो मुखडो,

काना में कुंडल हो,
काना में कुंडल हो,
हिवड़ो हुलसायो म्हारो,
भला पधारया हो,
भला पधारया,
हीरो भलके माथे में,
अंतर जमके बागे में,
फुल्डा बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ बाबा फुल्डा बरसे छे म्हारे आंगणे,
ग्यारस चांदण की आईं,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



गंगाजल झारी थारा,

चरण पखरा हो,
चरण पखरा,
उँचे सिंहासन बैठो,
आरती उतरा हो,
आरती उतरा,
भजन सुनावा थाने,
गाकर रिझावा थाने,
अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,
ओ बाबा अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,
ग्यारस चांदण की आईं,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



जो थाने भावे बाबा,

भोग लगावा हो,
भोग लगावा,
रूच रूच जिमो प्रभु जी,
परदो लगवा हो,
परदो लगवा,
तारो मुलक़ातो मुखड़ो,
चंदा सू लागे उजलो,
कीर्तन में देखयो थाने आंगणे,
ओ बाबा कीर्तन में देखयो थाने आंगणे,
ग्यारस चांदण की आईं,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



बिडलो दबावों मुख में,

अंतर काना में हो,
अंतर काना में,
थारे लीले के पांवा,
बिछिया बाजनीया हो,
बिछिया बाजनीया,
करस्यां पहरावणी थारी,
आशा पूरण म्हारी,
चरण दबास्या म्हारे आंगणे,
ओ बाबा चरण दबास्या म्हारे आंगणे,
ग्यारस चांदण की आईं,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



लगन निभाजो प्रभु जी,

प्रेम बढाजो हो,
प्रेम बढाजो,
या म्हारी मिनखा जूणी,
सफल बनाजो हो,
सफल बनाजो,
मोती चरणा को चाकर,
‘नंदू’ रिझावे गाकर,
भल भल पधारया म्हारे आंगणे,
ओ बाबा भल भल पधारया म्हारे आंगणे,
ग्यारस चांदण की आईं,
भगता मिल ज्योत जगाई,
झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,
ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे।।



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